राजनांदगांव। स्वास्थ्य विभाग एवं यूनिसेफ छत्तीसगढ़ द्वारा बच्चों में मधुमेह (टाइप 1 डायबिटीज या बाल मधुमेह) की समय पर पहचान, प्रभावी उपचार एवं समुदाय स्तर पर जागरूकता के लिए प्रथम चरण उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा टाइप 1 डायबिटीज का स्वास्थ्य पर बढ़ने वाले विपरीत प्रभाव एवं इसकी जल्द से जल्द पहचान, उसके अनुरूप इलाज एवं विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी दी गई। कार्यशाला में टाइप 1 डायबिटीज की पहचान, उपचार व प्रबंधन, काउंसलिंग, रोगी सहायता समूह की भूमिका, समुदाय आधारित जागरूकता, मानसिक स्वास्थ्य तथा पारिवारिक सहयोग सहित अन्य विषयों के बारे में बताया गया। इस दौरान प्रतिभागियों ने समूह गतिविधियों के माध्यम से अपने अनुभव साझा किए तथा टाइप 1 डायबिटीज से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। कार्यशाला में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन, यूनिसेफ के स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. गजेंद्र सिंह, एनसीडी नोडल अधिकारी डॉ. खुम्मान सिंह मण्डावी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक संदीप ताम्रकार, जिला सलाहकार विकास राठौर, सचिवालय सहायक प्रियल कश्यप सहित यूनिसेफ की टीम एवं सीएचओ शामिल हुए। द्वितीय चरण में उन्मुखीकरण कार्यशाला का 5 दिसम्बर 2025 को आयोजित किया जाएगा।

ताज़ा ख़बर :
- मेहनतकश श्रमिकों के जीवन में शासन की योजनाएं ला रही महत्वपूर्ण परिवर्तन : डॉ. रमन सिंह
- गुरु पूर्णिमा पर आईटीबीपी के संजय यादव का सम्मान, नवोदय विद्यालय ने दी भावभीनी विदाई
- टांकापारा स्कूल में कीचड़ से गुजरने की मजबूरी, जर्जर भवन की छत से टपक रहा पानी : जितेन्द्र मुदलियार
- ऑल वॉलंटरी एसोसिएशन ने कबीर नगर आंगनवाड़ी में बांटी शैक्षणिक सामग्री
- करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा : भोले भँडा़री हैं शिव !
- “एक पेड़ मां के नाम” अभियान का शुभारंभ, जिला साहू संघ ने गुरू पूर्णिमा पर किया पौधरोपण
- आसिफ अली की पहल पर रेलवे ने हटाई नाली की दीवार, अंडरब्रिज क्षेत्र में जलनिकासी बहाल
- ‘आदि अमितान’ अभियान : पीएम जनमन यूनिवर्सल हेल्थ स्क्रीनिंग अभियान के तहत घर-घर पहुंच रही स्वास्थ्य सेवाएं
